दादर फूल गली, फूलों का होलसेल मार्केट
फूल गली में सालों से कारोबार
करते आ रहे मिट्ठू पारेख ने बताया, ‘दादर फ्लावर मार्केट में फूल के
भाव हमेशा बदलते रहते हैं। जब मांग ज्यादा होती है और हम दाम बड़ा देते है। इससे
मार्केट का संतुलन बरकरार रहता है। मुंबई में हमारा पहला मार्केट है जिसे बीएमसी
ने शिवसेना के शासनकाल में अधिकृत किया।’
दादर वेस्ट में स्टेशन के एकदम लगा हुआ फूलों का होलसेल कब हुआ शुरू है। स्थानीय भाषा में इसे लोग फूल गली कहते हैं। इस फूल गली में फूलों की महक का करोबार सुबह साढ़े चार बजे शुरू होता है और शाम को 6 बजे बंद हो जाता है। इस फूल गली में हर तरह के फूल मिलते हैं जैसे- कमल का फूल, गुलाब का फूल, मोगरे के फूल के अलावा यहां फूलों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं। चूंकि यह एक इनडोर बाजार है, तो यहां आप अपने कैमरे के गीला होने के बारे में से मुक्त हो सकते हैं।
दादर वेस्ट में स्टेशन के एकदम लगा हुआ फूलों का होलसेल कब हुआ शुरू है। स्थानीय भाषा में इसे लोग फूल गली कहते हैं। इस फूल गली में फूलों की महक का करोबार सुबह साढ़े चार बजे शुरू होता है और शाम को 6 बजे बंद हो जाता है। इस फूल गली में हर तरह के फूल मिलते हैं जैसे- कमल का फूल, गुलाब का फूल, मोगरे के फूल के अलावा यहां फूलों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं। चूंकि यह एक इनडोर बाजार है, तो यहां आप अपने कैमरे के गीला होने के बारे में से मुक्त हो सकते हैं।
फूलों का यहां ऑक्शन होता है
होलसेल व्यापारी हैं। यहां फूल शादी में और इवेंट प्रबंधकों को होलसेल में बेचे जाते हैं। ज्यादा व्यापार फोन पर होता है और अक्सर यहां पूरा कारोबार रिलेशन पर होता है। कई बार रिटेलर्स भी आते हैं और उन्हें भी यहां पूरी तरह से संतुष्ट मिलती है। फूलों का यहां ऑक्शन होता है। शहर में छोटे स्थानीय फूल विक्रेता अपने फूलों की जरूरत भी यहां से पूरी करते हैं। होलसेल बाजार से, इन फूलों को तो स्थानीय सड़क स्टालों पर पहुंचाया जाता है।
मार्केट का टाइम
सुबह जल्दी जाकर लोग अपने ऑक्शन कारोबार को व दैनिक जरूरतों को मोल-भाव से पूरा करते हैं। हॉकरों के साथ ही यहां दुकान वाले भी पूरी शिद्दत से अपना व्यापार करते हैं। करीबी 9 बजे तक प्रमुख व्यापार लगभग हो चुका होता हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा फूल मार्केट है। सैकड़ों स्टाॅलों पर विशाल टोकरियों में टनों बंद फूल दिखाई देते हैं। पीले और नारंगी गेंदा फूल ज्यादातर मंदिर मे इस्तेमाल किए जाते हैं।
होलसेल दुकानें
हर रोज लगबग 25 से 30 ट्रक दादर फ्लावर मार्केट आते हैं और सीजन के समय 100 से 200 ट्रक आते हैं। होलसेल व्यपारी कि सबसे बड़ी समस्या जगह को ले कर है। छोटे- छोटे दुकान हैं, लोकल व्यापारी भी वहीं पर अपना फूल का काम करते हैं। दादर का फ्लावर मार्केट मुंबई की सबसे बड़ी फ्लावर मंडी है। यहां हर रोज फूल वसई, विरार, नासिक, पुणे और सांगली से आते हैं। मार्केट में 542 लाइसेंस वाले दुकानदार हैं और इस मार्केट के प्रेजिडेंट का नाम विजय दलवी है। विजय दलवी पूरे मार्केट की समस्याओं को सुलझाते हैं।
- विनय सिंह
दादर फूल गली, फूलों का होलसेल मार्केट
फूल गली में सालों से कारोबार करते आ रहे मिट्ठू पारेख ने
बताया, ‘दादर फ्लावर मार्केट में फूल के भाव हमेशा बदलते रहते हैं। जब मांग
ज्यादा होती है और हम दाम बड़ा देते है। इससे मार्केट का संतुलन बरकरार रहता है।
मुंबई में हमारा पहला मार्केट है जिसे बीएमसी ने शिवसेना के शासनकाल में अधिकृत
किया।’
दादर वेस्ट में स्टेशन के एकदम लगा हुआ फूलों का होलसेल कब हुआ शुरू है। स्थानीय भाषा में इसे लोग फूल गली कहते हैं। इस फूल गली में फूलों की महक का करोबार सुबह साढ़े चार बजे शुरू होता है और शाम को 6 बजे बंद हो जाता है। इस फूल गली में हर तरह के फूल मिलते हैं जैसे- कमल का फूल, गुलाब का फूल, मोगरे के फूल के अलावा यहां फूलों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं। चूंकि यह एक इनडोर बाजार है, तो यहां आप अपने कैमरे के गीला होने के बारे में से मुक्त हो सकते हैं।
दादर वेस्ट में स्टेशन के एकदम लगा हुआ फूलों का होलसेल कब हुआ शुरू है। स्थानीय भाषा में इसे लोग फूल गली कहते हैं। इस फूल गली में फूलों की महक का करोबार सुबह साढ़े चार बजे शुरू होता है और शाम को 6 बजे बंद हो जाता है। इस फूल गली में हर तरह के फूल मिलते हैं जैसे- कमल का फूल, गुलाब का फूल, मोगरे के फूल के अलावा यहां फूलों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं। चूंकि यह एक इनडोर बाजार है, तो यहां आप अपने कैमरे के गीला होने के बारे में से मुक्त हो सकते हैं।
फूलों का यहां ऑक्शन होता है
होलसेल व्यापारी हैं। यहां फूल शादी में और इवेंट प्रबंधकों को होलसेल में बेचे जाते हैं। ज्यादा व्यापार फोन पर होता है और अक्सर यहां पूरा कारोबार रिलेशन पर होता है। कई बार रिटेलर्स भी आते हैं और उन्हें भी यहां पूरी तरह से संतुष्ट मिलती है। फूलों का यहां ऑक्शन होता है। शहर में छोटे स्थानीय फूल विक्रेता अपने फूलों की जरूरत भी यहां से पूरी करते हैं। होलसेल बाजार से, इन फूलों को तो स्थानीय सड़क स्टालों पर पहुंचाया जाता है।
मार्केट का टाइम
सुबह जल्दी जाकर लोग अपने ऑक्शन कारोबार को व दैनिक जरूरतों को मोल-भाव से पूरा करते हैं। हॉकरों के साथ ही यहां दुकान वाले भी पूरी शिद्दत से अपना व्यापार करते हैं। करीबी 9 बजे तक प्रमुख व्यापार लगभग हो चुका होता हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा फूल मार्केट है। सैकड़ों स्टाॅलों पर विशाल टोकरियों में टनों बंद फूल दिखाई देते हैं। पीले और नारंगी गेंदा फूल ज्यादातर मंदिर मे इस्तेमाल किए जाते हैं।
होलसेल दुकानें
हर रोज लगबग 25 से 30 ट्रक दादर फ्लावर मार्केट आते हैं और सीजन के समय 100 से 200 ट्रक आते हैं। होलसेल व्यपारी कि सबसे बड़ी समस्या जगह को ले कर है। छोटे- छोटे दुकान हैं, लोकल व्यापारी भी वहीं पर अपना फूल का काम करते हैं। दादर का फ्लावर मार्केट मुंबई की सबसे बड़ी फ्लावर मंडी है। यहां हर रोज फूल वसई, विरार, नासिक, पुणे और सांगली से आते हैं। मार्केट में 542 लाइसेंस वाले दुकानदार हैं और इस मार्केट के प्रेजिडेंट का नाम विजय दलवी है। विजय दलवी पूरे मार्केट की समस्याओं को सुलझाते हैं।
- विनय सिंह
होलसेल व्यापारी हैं। यहां फूल शादी में और इवेंट प्रबंधकों को होलसेल में बेचे जाते हैं। ज्यादा व्यापार फोन पर होता है और अक्सर यहां पूरा कारोबार रिलेशन पर होता है। कई बार रिटेलर्स भी आते हैं और उन्हें भी यहां पूरी तरह से संतुष्ट मिलती है। फूलों का यहां ऑक्शन होता है। शहर में छोटे स्थानीय फूल विक्रेता अपने फूलों की जरूरत भी यहां से पूरी करते हैं। होलसेल बाजार से, इन फूलों को तो स्थानीय सड़क स्टालों पर पहुंचाया जाता है।
मार्केट का टाइम
सुबह जल्दी जाकर लोग अपने ऑक्शन कारोबार को व दैनिक जरूरतों को मोल-भाव से पूरा करते हैं। हॉकरों के साथ ही यहां दुकान वाले भी पूरी शिद्दत से अपना व्यापार करते हैं। करीबी 9 बजे तक प्रमुख व्यापार लगभग हो चुका होता हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा फूल मार्केट है। सैकड़ों स्टाॅलों पर विशाल टोकरियों में टनों बंद फूल दिखाई देते हैं। पीले और नारंगी गेंदा फूल ज्यादातर मंदिर मे इस्तेमाल किए जाते हैं।
होलसेल दुकानें
हर रोज लगबग 25 से 30 ट्रक दादर फ्लावर मार्केट आते हैं और सीजन के समय 100 से 200 ट्रक आते हैं। होलसेल व्यपारी कि सबसे बड़ी समस्या जगह को ले कर है। छोटे- छोटे दुकान हैं, लोकल व्यापारी भी वहीं पर अपना फूल का काम करते हैं। दादर का फ्लावर मार्केट मुंबई की सबसे बड़ी फ्लावर मंडी है। यहां हर रोज फूल वसई, विरार, नासिक, पुणे और सांगली से आते हैं। मार्केट में 542 लाइसेंस वाले दुकानदार हैं और इस मार्केट के प्रेजिडेंट का नाम विजय दलवी है। विजय दलवी पूरे मार्केट की समस्याओं को सुलझाते हैं।
- विनय सिंह


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